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what is software ?

     

    What is software

    सॉफ्टवेयर 


    what is software ?

    सॉफ्टवेयर निर्देशों का एक समूह है, जो कम्प्यूटर को विशिष्ट कार्यों को करने का निर्देश देता है। यह यूजर्स को कम्प्यूटर से इंटरैक्ट करने में सक्षम करता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दो प्रकार के सॉफ्टवेयर हैं।


    what is system software ?

    यह कम्प्यूटर यूजर्स, कम्प्यूटर हार्डवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच एक इंटरफ़ेस के रूप में कार्य करता है। इसे बैकग्राउंड सॉफ्टवेयर के रूप में भी जाना जाता है। चार प्रकार के सिस्टम सॉफ्टवेयर निम्नलिखित हैं।

    1 ) ऑपरेटिंग सिस्टम

    2 ) यूटिलिटी प्रोग्राम

    3 ) डिवाइस ड्राइवर

    4 ) लैंग्वेज ट्रांसलेटर



    🔹 ऑपरेटिंग सिस्टम - ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) वह प्रोग्राम है, जो यूजर और कम्प्यूटर हार्डवेयर और - एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच एक इंटरफ़ेस के रूप में कार्य करता है। बूट प्रोग्राम के बाद, OS कम्प्यूटर में अन्य सभी प्रोग्रामों का प्रबंधन करता है। उदाहरण लिनक्स, यूनिक्स, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक्सपी आदि।


    🔹यूटिलिटी प्रोग्राम्स - यूटिलिटी प्रोग्राम कम्प्यूटर रिसौर्स का प्रबंधन, रखरखाव और नियंत्रण करने में मदद करते हैं। इन्हें सर्विस प्रोग्राम के रूप में भी जाना जाता है। यूटिलिटी प्रोग्राम के उदाहरण एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर, बैकअप सॉफ्टवेयर, डिस्क डीफ्रेग्मेंट, बैकअप, डिस्क क्लीन आदि हैं।


    🔹लैंग्वेज ट्रांसलेटर- लैंग्वेज ट्रांसलेटर हाई लैवल लैंग्वेज प्रोग्राम (इनपुट) को एक समान मशीन लैंग्वेज प्रोग्राम (आउटपुट) में बदलता है। यह ट्रांसलेशन के दौरान एरर का भी पता लगाता है और रिपोर्ट करता है। असेंबलर, कंपाइलर, इंटरप्रेटर लैंग्वेज ट्रांसलेटर के प्रकार हैं ।


    🔹डिवाइस ड्राइवर- डिवाइस ड्राइवर को हार्डवेयर डिवाइसों के बीच इंटरैक्शन को सक्षम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह आपके कम्प्यूटर से जुड़े डिवाइस को कंट्रोल करता है। प्रिंटर, डिस्प्ले, सीडी-रॉम रीडर, डिस्क ड्राइव आदि डिवाइस ड्राइवर के उदाहरण हैं।



    🔹 असेंबलर -


    यह असेंबली लैंग्वेज प्रोग्राम को मशीन लैंग्वेज में परिवर्तित करता है। 


    🔹 कम्पाइलर -


    यह प्रोग्राम को हाई लैवल लैंग्वेज से लो लैवल लैंग्वेज में परिवर्तित करता है और लाइन - नंबरों के साथ प्रोग्राम की सभी एरर की रिपोर्ट करता है। C, C ++ कंपाइलर का उपयोग करते हैं।


    🔹 इंटरप्रेटर -


    यह प्रोग्रामों को हाई लेवल लैंग्वेज से लो लेवल लैंग्वेज में परिवर्तित करता है। यह एक बाद एक लाइनों का ट्रांसलेशन करता है और ट्रांसलेशन प्रोसेस पूरा करने के बाद एक साथ एरर रिपोर्ट देता है। यह कंपाइलर की तुलना में बेहतर एरर निदान देता है। पायथन, बेसिक (BASIC) और रूबी इंटरप्रेटर का उपयोग करते हैं।


    what is application software ?

    एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम या प्रोग्रामों का समूह है, जो एंड यूजर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह यूजर्स को डॉक्योमेंट्स, स्प्रेडशीट, डेटाबेस और पब्लिकेशन बनाना, ऑनलाइन रिसर्च करना, ईमेल भेजना, ग्राफिक्स डिजाइन करना आदि कार्यों को करने में सक्षम बनाता है। दो प्रकार के एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर हैं।


    बेसिक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर -

    बेसिक एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर बेसिक एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को जनरल पर्पज़ एप्लिकेशन और प्रोडक्टिविटी एप्लिकेशन के रूप में भी जाना जाता है। इन प्रोग्रामों का व्यापक रूप से प्रत्येक क्षेत्र और व्यवसाय में उपयोग किया जाता है। वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम और प्रेजेंटेशन ग्राफिक्स बेसिक एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के सामान्य प्रकार हैं। उदाहरण- माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2016.


    स्पेशलाइज्ड एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर -

    स्पेशलाइज्ड एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर स्पेशलाइज्ड एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर एक विस्तृत एप्लिकेशन क्षेत्र की बजाय

    एक स्पेसिफिक कार्य के लिए डिज़ाइन किये जाते हैं। ग्राफिक्स प्रोग्राम, ऑडियो और वीडियो एडिटर, मल्टीमीडिया क्रिएशन प्रोग्राम, वेब ऑथरिंग और वर्चुअल रियलिटी प्रोग्राम स्पेशलाइज्ड सॉफ्टवेयर के सामान्य प्रकार हैं।


    🔹फर्मवेयर (Firmware) - यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोजन होता vec epsilon ; जैसे-रोम ( M) , PROM और EPROM आदि।


    🔹फ्रीवेयर (Freeware) - यह अधिकांशतः कॉपीराइटेड सॉफ्टवेयर्स होते हैं। ये सॉफ्टवेयर निर्माता के द्वारा बिना किसी शुल्क के (Free) उपलब्ध कराए जाते हैं। उदाहरण-इन्स्टेण्ट मेसेजिंग, गूगल टूलबार इत्यादि।


    🔹बायोस- बायोस बेसिक इनपुट-आउटपुट सिस्टम (Basic Input -Output System-BIOS) का संक्षिप्त रूप है। यह आईबीएम कम्प्यूटर को दिए जाने वाले निर्देशों का एक समूह होता है। ये निर्देश कम्प्यूटर में एक चिप में संरक्षित (Store) रहते हैं। बायोस का सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य कम्प्यूटर को ऑन करते समय स्वपरीक्षण (Self test) निर्देश देना होता है।


    what is open source software ?

    ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर (Open Source Software, OSS) ऐसे सॉफ्टवेयर्स को कहा जाता hat overline 8 , जिनका सोर्स कोड सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होता है। इसलिए इन्हें फ्री सोर्स सॉफ्टवेयर भी कहते हैं। ऐसे सॉफ्टवेयरर्स के सोर्स कोड को मॉडिफाई (Modify) कर कोई भी यूजर इनको डवलेप करने में सहायता जर सकता है ।

    उदाहरण- लाइनक्स, यूनिक्स, MySQL, आदि।


    प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर -


    प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर कॉपीराइटेड (Copyrighted) साफ्टवयर होता है। इसमें यूज़र द्वारा पुन: वितरित (Redistribute) या मॉडिफाई नहीं किया जा सकता है। यह सॉफ्टवेयर एक विशिष्ट हार्डवेयर प्लेटफॉर्म या ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया सॉफ्टवेयर है।


    👉 कुछ महत्वपूर्ण तथ्य -

    🔹सॉफ्टवेयर की सबसे छोटी इकाई - Module

    🔹सॉफ्टवेयर को जो बनाता है उसे क्या कहते हैं - Programmer

    🔹Module का collection क्या कहलाता है - सॉफ्टवेयर

    🔹बैंक में use होने वाले सॉफ्टवेयर -

         Flexcube , finacle , Bancs 



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