कम्प्यूटर हार्डवेयर
कंप्यूटर के वे सभी भाग जिन्हें हम देख सकते हैं तथा स्पर्श कर सकते हैं हार्डवेयर कहलाते हैं । आधुनिक कंप्यूटर के हार्डवेयर इनपुट डिवाइस , आउटपुट डिवाइस , मैमोरी से मिलकर बने होते हैं ।
इनपुट डिवाइस
इनपुट डिवाइस यूजर और कम्प्यूटर के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। यह यूजर को प्रोसेसिंग, डिस्प्ले स्टोरेज और / या ट्रांसमिशन के लिए कम्प्यूटर को निर्देश और डेटा फीड करने की अनुमति देता है। कुछ इनपुट डिवाइस हैं निम्न है -
1 ) की बोर्ड -
इसका उपयोग अल्फा (वर्ण) और न्यूमेरिक (संख्या) दोनों रूपों में कम्प्यूटर में डेटा दर्ज करने के लिए किया जाता है।
की बोर्ड में कुछ महत्वपूर्ण की (keys) निम्न हैं -
(i) टॉगल की -
इसका उपयोग की बोर्ड पर कुंजियों (keys) के समूह के इनपुट मोड को बदलने के लिए किया जाता है। कैप्स लॉक, न्यूम लॉक स्क्रॉल लॉक टॉगल कुंजी (keys) हैं।
(ii) कैप्स लॉक -
यह सभी अक्षरों को बड़े अक्षरों में परिवर्तित करता है।
(iii) नम लॉक -
यह सुनिश्चित करता है कि संख्या (नम्बर) कीपैड से इनपुट हैं।
(iv) स्क्रॉल लॉक -
एक विंडो की सामग्री (contents) के माध्यम से एरो कुंजी (arrow keys) को स्क्रॉल करने की अनुमति देता है।
(v) मोडीफायर की -
यह एक विशेष कुंजी (कुंजी संयोजन /key combination) है जो अस्थायी रूप से एक साथ दबाए जाने पर दूसरी कुंजी की सामान्य क्रिया को संशोधित करता है। Shift, Alt, Ctrl, Fn संशोधक कुंजियाँ हैं।
🔹शिफ्ट - अक्षरों को बड़ा करने और विभिन्न प्रकार के प्रतीकों को दर्ज (इंटर) करने के लिए उपयोग किया जाता है।
🔹 (Fn) - अन्य फंक्शन जैसे ब्राइटनेस और ध्वनि नियंत्रण |
🔹 Control (Ctrl) - कीबोर्ड शॉर्टकट दर्ज (इंटर) करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे Ctrl+S, Ctrl+P इत्यादि
🔹 Alt - की बोर्ड शॉर्टकट्स दर्ज (इंटर) करने के लिए संख्यात्मक कुंजियों (numeric keys) और कंट्रोल कुंजी के संयोजन में उपयोग किया जाता है।
(vii) एस्केप की -
यह एक कंप्यूटर कीबोर्ड के ऊपरी बाएं कोने में स्थित है। इसका अक्सर एक कंप्यूटर पर चलने वाली प्रक्रिया को छोड़ने, रद्द करने या निरस्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।
(vi) फंक्शन की -
कंप्यूटर कीबोर्ड पर एक कुंजी, मुख्य अल्फ़ान्यूमेरिक कुंजियों से अलग, जिसके लिए सॉफ्टवेयर एक फ़ंक्शन असाइन कर सकता है। F1 - F12 को भी फंक्शन कुंजी के रूप में जाना जाता है और प्रत्येक कुंजी विभिन्न कार्य (फंक्शन) करते | इसे सिंगल की कमांड्स के रूप में उपयोग किया जा सकता (जैसे F5) या एक या अधिक मोडीफायर कुंजियों के साथ संयुक्त किया जा सकता है (जैसे Alt+F4)|
2 ) माउस -
यह एक पॉइंटिंग और कर्सर कंट्रोल डिवाइस है। इसके आधार पर एक गोल गेंद (round ball) एक माउस की गति को भांप लेती है और माउस के बटन दबाने पर सीपीयू को संबंधित सिग्नल भेजती है। एक माउस में दो या तीन बटन होते हैं जिन्हें बयाँ (लेफ्ट), दायां (राइट) और मध्य (मिडिल) बटन कहते हैं।
3 ) स्कैनर -
यह प्रिंटेड मटेरियल से इमेज कैप्चर करता है और इसे एक डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित करता - है जिसे पीसी (PC) के भीतर संग्रहीत किया जा सकता है। फ्लैटबेड स्कैनर, हैंड स्कैनर्स, शीटफेड स्कैनर कुछ प्रकार के स्कैनर हैं।
4 ) ट्रैक बॉल -
इसका उपयोग ज्यादातर नोटबुक या लैपटॉप में किया जाता है। यह एक बॉल है जिसे आधा डाला जाता है और बॉल उंगलियां घुमाकर, पॉइंटर को स्थानांतरित (mov किया जा सकता है।
5 ) जॉय स्टिक -
इसका उपयोग मॉनिटर की स्क्रीन पर कर्सर के पोजीशन को स्थानांतरित (move) करने - के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन (CAD) और कंप्यूटर पर गेम खेलने में किया जाता है। यह मूवमेंट विकलांग लोगों के लिए एक इनपुट डिवाइस के रूप में भी सहायक हो सकता है।
6 ) बारकोड रीडर -
यह प्रिंटेड बारकोड को पढ़ने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। बारकोड रीडर में एक - प्रकाश संवेदक (light sensor) बारकोड को पढ़ सकता है और कंप्यूटर में डेटा को स्टोर करने के लिए ऑप्टिकल आवेगों (impulses) को विद्युत आवेगों ( impulses) में बदल देता है। यह वेयरहाउस प्रबंधन और संचालन ( operations) के लिए एक महत्वपूर्ण टूल है।
7 ) मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकॉगनिशन (MICR) -
यह एक कैरेक्टर रिकॉगनिशन सिस्टम है जो विशेष इंक - और कैरेक्टर का उपयोग करती है। इसका उपयोग पेपर डाक्यूमेंट्स की वैधता या मौलिकता के लिएकिया जाता है, विशेष रूप से चेक । इनफार्मेशन को मैग्नेटिक कैरेक्टर में एन्कोड किया जा सकता है। यह इनफार्मेशन को स्कैन और प्रोसेसिंग की एक सुरक्षित, उच्च गति विधि प्रदान करता है |
8 ) ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉगनिशन (OCR) -
एक ऐसी तकनीक है जो डिजिटल इमेज के भीतर टेक्स्ट को रेकॉगनाईज करता है। यह डाक्यूमेंट्स को एक इडीटेबल टेक्स्ट फ़ाइल में कनवर्ट करता है।
9 ) ऑप्टिकल मार्क रिकॉगनिशन (OMR) -
यह एक इलेक्ट्रॉनिक विधि है जो डाक्यूमेंट्स को स्कैन करती है और मार्कड फ़ील्ड्स से डेटा रीड करती है और इससे परिणाम कम्प्यूटर में प्रेषित किए जा जाते हैं।
10 ) डिजिटाइज़र -
यह उपयोगकर्ताओं को स्क्रीन पर ग्राफिक्स ड्रा करने और मैनीपुलेट करने की अनुमती देता है। इसे ग्राफिक्स टैबलेट के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रकार के टेबलेट आम तौर पर CAD/CAM प्रोफेशनल के लिए डिज़ाइन की जाती हैं।
11 ) टच स्क्रीन -
यह एक कम्प्यूटर डिस्प्ले स्क्रीन है जो एक इनपुट डिवाइस के रूप में कार्य करती है। टचस्क्रीन को उंगली या स्टाइलस से स्पर्श किया जा सकता है। टचस्क्रीन इवेंट को रिकॉर्ड करता है और प्रोसेसिंग के लिए कंट्रोलर को भेजता है।
12 ) माइक्रोफ़ोन -
माइक्रोफ़ोन हवा में ध्वनि कंपन (sound vibrations) का इलेक्ट्रॉनिक संकेतों में प्रवर्तित (translates) करता है। यह कम्युनिकेशन, संगीत और स्पीच रिकॉर्डिंग सहित पर्पस के लिए कई प्रकार के ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस को सक्षम करता है।
13 ) वेब कैमरा -
यह इमेज को डिजिटल रूप में कैप्चर और स्टोर करता है। स्टोर इमेज को एक फोटोग्राफिक कॉम्पैक्ट डिस्क या एक्सटर्नल हार्ड डिस्क पर स्टोर किया जा सकता है।
14 ) लाइट पेन -
यह एक लाइट सेंसिटिव इनपुट डिवाइस है, जिसका उपयोग टेक्स्ट का चयन करने, इमेज ड्रा करने और कम्प्यूटर स्क्रीन या मॉनिटर पर उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस एलिमेंट के साथ इंटरैक्ट करने के लिए किया जाता है।
आउटपुट डिवाइस
आउटपुट डिवाइस का उपयोग कंप्यूटर से डेटा को दूसरे डिवाइस में भेजने के लिए किया जाता है। उदाहरण मॉनिटर, प्रोजेक्टर, स्पीकर, प्लॉटर और प्रिंटर आदि हैं।
1. मॉनिटर -
मॉनिटर कंप्यूटर का मुख्य आउटपुट डिवाइस है। यह छोटे डॉट्स से इमेज बनाता है जो एक आयताकार रूप में व्यवस्थित होते हैं। इमेज की तीक्ष्णता (sharpness ) पिक्सल की संख्या पर निर्भर करती है। मॉनिटर के लिए उपयोग किए जाने वाले स्क्रीन को देखने के दो प्रकार हैं।
(i) कैथोड-रे ट्यूब -
CRT डिस्प्ले पिक्सल्स नामक छोटे पिक्चर एलिमेंट्स से बना होता है। CRT ट्यूब इलेक्ट्रॉनों के एक बीम का उपयोग करके स्क्रीन पर एक इमेज बनाता है।
(ii) फ्लैट पैनल डिस्प्ले -
फ्लैट-पैनल डिस्प्ले वीडियो डिवाइस के एक क्लास को संदर्भित करता है, जिसमें CRT की तुलना में वॉल्यूम, वेट और पॉवर की आवश्यकता कम होती है।
(iii) लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले (LCD) मॉनिटर -
LCD मॉनिटर स्क्रीन पर इमेज को इल्लुमिनेट करने और ब्राइटेन करने के लिए कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट ट्यूब का उपयोग करते हैं और गुड इमेज क्वालिटी, रिज़ॉल्यूशन और कंट्रास्ट लेवल प्रोड्यूस करते हैं।
(iv) लाइट एमिटिंग डायोड (LED) मॉनिटर -
मॉनिटर पिक्चर की क्वालिटी में सुधार के लिए नई बैकलाइटिंग तकनीक का उपयोग करते हैं। LCD पर बेहतर कंट्रास्ट रेशियो और कलर सेचुरेशन के कारण LED मॉनिटर अधिक लाइफलाइक और एक्यूरेट हैं।
(v) आर्गेनिक लाइट एमिटिंग डायोड (OLED) मॉनिटर -
इस प्रकार के मॉनिटर युक्त, कुछ कार्बनिक पदार्थों (कार्बन जैसे लकड़ी, प्लास्टिक या पॉलिमर) से बने होते हैं, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक करंट को लाइट में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। वे डायरेक्ट करेक्ट कलर को प्रोड्यूस करने के लिए उपयोग किए जाते हैं और इसे बैकलाइट की आवश्यकता नहीं होती है जो पॉवर और स्पेस की बचत करता ।
2. प्रिंटर्स -
प्रिंटर आउटपुट डिवाइस होते हैं जो एक पेपर पर टेक्स्ट / इमेज के रूप में इनफार्मेशन प्रिंट करते हैं। इम्पैक्ट प्रिंटर्स और नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर दो तरह के प्रिंटर हैं।
( i) इम्पैक्ट प्रिंटर्स -
इम्पैक्ट प्रिंटर्स करैक्टर वर्णों को रिबन पर स्ट्राइक करके प्रिंट करता है जिसे बाद - में पेपर पर प्रेसड किया जाता है। उदाहरण: डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, लाइन प्रिंटर, डेज़ी व्हील प्रिंटर, ड्रम प्रिंटर, चेन प्रिंटर, बैंड प्रिंटर ।
डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर्स -
यह करैक्टर को डॉट के कॉम्बिनेशन के रूप में प्रिंट करता। उनके पास प्रिंटर के प्रिंट हेड पर पिंस का एक मैट्रिक्स है जो करैक्टर बनाता है। उनके पास आम तौर पर 9-24 पिन होते हैं। उनकी गति को cps (वर्ण प्रति सेकंड) में मापा जाता है। इसे करैक्टर प्रिंटर भी कहते है ।
लाइन प्रिंटर्स -
एक लाइन प्रिंटर एक इम्पैक्ट प्रिंटर है जो एक बार में टेक्स्ट के एक लाइन को प्रिंट कर सकता ।इसे बार प्रिंटर के रूप में भी जाना जाता है ।
(ii) नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर्स -
नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर बिना रिबन का उपयोग किये पेपर पर करैक्टर प्रिंट करता | ये प्रिंटर एक बार में पूरे पेज को प्रिंट करता है, इसलिए इसे पेज प्रिंटर्स भी कहा जाता । उदाहरण लेजर प्रिंटर्स, इंकजेट प्रिंटर्स इत्यादि
इंकजेट प्रिंटर्स -
इंकजे प्रिंटर पेपर के शीट पर स्प्रे कर काम करते है । इंकजेट प्रिंटर में उपयोग किये इंक का प्रकार वेट (गीला) होता हैं ।
लेजर प्रिंटर्स -
एक लेज़र प्रिंटर पर्सनल कंप्यूटर प्रिंटर का एक लोकप्रिय प्रकार है जो एक नॉन-इम्पैक्ट फोटोकॉपीयर तकनीक का उपयोग करता है। लेजर प्रिंटर में उपयोग किये जाने वाले इंक का प्रकार ड्राई (सूखा) होता है। यह हाई क्वालिटी आउटपुट देता है। लेजर प्रिंटर का रिज़ॉल्यूशन dpi (डॉट्स प्रति इंच) में मापा जाता है।
(iii) अन्य प्रकार
सॉलिड इंक प्रिंटर -
यह कलर प्रिंटर का एक प्रकार है ।यह सॉलिड इंक को पिघलाकर काम करता है जो पेपर पर इमेज बनाता है । यह नॉन-टॉक्सिक और उपयोग करने के लिए सुविधाजनक होता है ।
LED प्रिंटर -
इस प्रकार के प्रिंटर लेज़र के बदले लाइट एमिटिंग डायोड का उपयोग करता । यह पेज पर लाइन-बाई-लाइन इमेज बना के शुरू होता |
3. प्लॉटर -
एक प्लॉटर एक आउटपुट डिवाइस है, जिसका उपयोग बड़े ग्राफ और डिज़ाइन की हार्ड कॉपी को प्रोड्यूस करने के लिए किया जाता है, जैसे कि कंस्ट्रक्शन ड्राइंग, आर्किटेक्चरल प्लान और बिज़नस चार्ट | ड्रम प्लॉटर और फ्लैटबेड प्लॉटर , प्लॉटर्स के प्रकार हैं।
(i) ड्रम प्लॉटर -
यह एक पेन प्लॉटर है जो ड्रम के चारों ओर पिन फीड अटैचमेंट के साथ पेपर को वैप करता है। ड्रम फिर पेपर को घुमाता है क्योंकि पेन उस पर मूव होता है और इमेज बनाता है। इसका उपयोग निरंतर आउटपुट प्रोड्यूस करने के लिए किया जाता है, जैसे भूकंप गतिविधि की प्लाटिंग करने के लिए। इसे रोलर प्लॉटर के रूप में भी जाना जाता है।
(ii) फ्लैटबेड प्लॉटर -
यह पेपर पर प्लॉट करता है जो एक आयताकार फ्लैटबेड टेबल पर फैला हुआ और फिक्स होता है। इसका उपयोग कारों, जहाजों, हवाई जहाजों, इमारतों, राजमार्गों आदि के डिजाइन में किया जाता है। इसे टेबल प्लॉटर के रूप में भी जाना जाता है।
4. डिजिटल प्रोजेक्टर -
प्रोजेक्टर एक डिवाइस है जो कंप्यूटर से कनेक्ट होता है और आउटपुट को सफेद स्क्रीन या वाल (दिवार) पर प्रोजेक्ट करता |
5. स्पीकर -
स्पीकर कंप्यूटर के साथ उपयोग किया जाने वाला आउटपुट डिवाइस है। ये वे ट्रांसड्यूसर हैं जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव (विद्युत चुम्बकीय तरंगों) को साउंड वेव (ध्वनि तरंगों) में परिवर्तित करता है।
computer hardware types of computer hardware computer hardware basics pdf computer hardware blog basic computer hardware knowledge functions of computer hardware computer hardware hindi
input & output device list

0 Comments