स्टॉक मार्केट क्या है ? हिंदी में
Stock Market ( शेयर बाज़ार ) क्या है ?
🔹शेयर बाजार एक ऐसा बाजार है जहां कंपनियों के शेयर खरीदे व बेचे जा सकते हैं ।
🔹भारत में BSE (Bombay Stock Exchange ) व NSE (National Stock Exchange ) नाम के दो प्रमुख शेयर बाजार है ।
🔹BSE / NSE में ही किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर ब्रोकर के माध्यम से खरीदे या बेचे जाते हैं ,ब्रोकर इसके लिए कमीशन चार्ज करते हैं ।
🔹Stock Market मैं बांड म्यूचल फंड और डेरिवेटिव का भी व्यापार होता है।
BSE (Bombay Stock Exchange )
🔹इसका पूरा नाम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज है ।
🔹इसकी स्थापना 1875 में हुई ।
🔹यह top 30 स्टॉक इंडेक्स देता है ।
🔹यह sensex पर आधारित है ।
🔹इसकी ग्लोबल रैंकिंग 10 है ।
NSE (National Stock Exchange )
🔹इसका पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है ।
🔹इसकी स्थापना 1992 में हुई ।
🔹यह top 50 स्टॉक इंडेक्स देता है ।
🔹यह Nifty पर आधारित है ।
🔹इसकी ग्लोबल रैंकिंग 11 है ।
Note - BSE, एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है ।
Derivatives (डेरिवेटिव्स )
कोई ऐसा उपकरण जिसकी अपनी खुद की कोई वैल्यू नहीं होती बल्कि उसकी वैल्यू किसी और ही चीज से प्राप्त होती है उसे डेरिवेटिव करते हैं ।
जैसे - पनीर का डेरिवेटिव दूध , आटे का डेरिवेटिव गेहूं
डेरिवेटिव्स के प्रकार
1) Forward Contract
यह एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट होता है जो दो पार्टियों के बीच एक ऐसा समझौता होता है जो भविष्य में किसी भी संपत्ति को खरीदने या बेचने के लिए आज की कीमत पर तय किया जाता है ।
2) Future Contract
यह एक ऐसा कानूनी समझौता है जिसमें भविष्य में डेरिवेटिव्स बेचने के लिए एक निर्धारित समय से पूर्व एक निर्धारित कीमत तय हो जाती है ।
3) Option Contract
यह कॉन्ट्रैक्ट का ऐसा रूप है जिसमें किसी खरीददार को एक विशेष समय पर अपने अधिकार को उपयोग करने का अधिकार होता है । वह अपने अधिकार का इस्तेमाल करके अपने अनुसार अपने प्रतिभूतियों को खरीद व बेच सकते हैं । इस कॉन्ट्रैक्ट में प्रवेश करने के लिए आपसे एक फीस या प्रीमियम लिया जाता है । यह दो प्रकार के होता हैं
A) Call Option
यह खरीददार को उसकी समाप्ति पर या उससे पहले पूर्व निर्धारित कीमत पर एक आधारभूत संपत्ति खरीदने का अधिकार होता है ।
B) Put option
यह खरीददार को पहले या उससे पहले की पूर्व निर्धारित कीमत पर बेचने का अधिकार देता है उसके लिए बाध्य नहीं करता ।
बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण शब्दावली -
Arbitrage -
किसी व्यक्ति या वस्तु को सस्ते बाजार से खरीदकर तेज बाजार में बेचना Arbitrage (अंतरपणन ) कहलाता है । इसका उद्देश्य विभिन्न व्यापारिक केंद्रों में प्रचलित मूल्यों के अंतर से लाभ उठाना होता है ।
Hedging -
हेजिंग किसी कमोडिटी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से नुकसान से बचने का तरीका है ।
Buy back share -
जब कंपनी ओपन मार्केट में उपलब्ध शेयरो की संख्या को घटाने के लिए अपने बकाया शेयरों की खरीद करती है तो उसे By back share कहा जाता है ।
Credit Rating Agencies
कोई संस्था कितना कर्ज चुका सकती है , इसका आकलन क्रेडिट रेटिंग एजेंसी करती है । यह एंजेसिया निवेशकों को बताती है कि संस्था या सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है और कहां तक वह कर्ज चुकाने में सक्षम है ।
India में
CRISIL , ICRA , CARE , ONICRA
World मे
Standard & Poor's , Moody's , Fitch
Escrow Account
जब दो पक्षों के बीच लेनदेन को पूरा करने के लिए बैंक खाते के संरक्षक के रूप में तीसरे पक्ष को शामिल किया जाता है तो यह बैंकिंग की दुनिया Escrow account के रूप में जाना जाता है । यह अनुबंधित खाता होता है जो कि अस्थाई होता है ।
Stock Warrant
यह एक विशिष्ट मूल्य पर एक विशिष्ट तिथि पर कंपनी के स्टॉक को खरीदने की अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है ।
Open economy
इसमें समुचित रूप से import & export होता है ।
Closed economy
इसमें import & export नहीं होता है ।

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