कैपिटल मार्केट क्या है | capital market instruments
Capital Market एक वित्तिय बाजार है जिसमें दीर्घकालिक ऋण (1 वर्ष से अधिक) या इक्विटी समर्थित प्रतिभूतियों को खरीदा और बेचा जाता है ।
यह SEBI के देख रेख में आता है ।
Type of share Account
1) Authorized Capital
यह वह अधिकतम पूंजी है तो शेयरधारको को कंपनी में निवेश करने के लिए अधिकृत है ।
2) Issued Capital
Authorized capital का वह भाग जिसे कोई कंपनी निवेशकों के लिए शेयर के रूप में जारी करती है ।
3) Subscribed Capital
यह Issued Capital का वह भाग होता है जिसके लिए निवेशक subscribe करते हैं । यह दो प्रकार का होता है
A ) Over Subscription - कुछ मामलों में जितने शेयर्स के लिए कंपनी ने application मंगवाए हैं उससे ज्यादा आ जाती है , इसे Over Subscription कहते हैं ।
B ) Under subscriptions - यदि कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो पब्लिक उस शेयर के लिए कम अप्लाई करते हैं तो इसे Under subscriptions कहते हैं।
4) Called up capital
यह face value का वह हिस्सा होता है जो पूंजी को कंपनी द्वारा निवेशकों से मांगी जाती है ।
5) Paid up capital
यह Called up capital काबो हिस्सा है जो कि निवेशकों द्वारा कंपनी को pay किया जाता है ।
Capital market दो प्रकार का होता है
1) Primary market
कोई कंपनी जब पहली बार स्टॉक एक्सचेंज के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच कर निवेशकों से रकम जुटाती है तो इसे आईपीओ (IPO) पेश करना पड़ता है । इसे प्राइमरी मार्केट कहते हैं । इसमें निम्न प्रकार के शेयर होते हैं -
1.IPO ( Initial Public Offering )
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक को ऑफर करती है तो इसे आईपीओ कहते हैं । इस प्रक्रिया में कंपनियां अपने शेयर आम लोगों को ऑफर करती है ।
2.FPO ( Follow On Public Offer )
स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी द्वारा निवेशकों को शेयर जारी करना एफपीओ कहलाता है ।
3.Right Issue
यह वह होता है जो एक सूचीबद्ध कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को एक रिकॉर्ड तिथि के अनुसार नई प्रतिभूतियां जारी करने का प्रस्ताव देती है ।
4.Private Placement
निजी प्लेसमेंट प्रतिभूतियों का एक फंडिंग दौर है जो सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से नहीं बल्कि एक निजी पेशकश के माध्यम से बेचा जाता है , ज्यादातर चुने हुए निवेशकों की एक छोटी संख्या के लिए ।
5.Offer For Sale
ओएफएस कंपनी के शेयर बेचने का एक तरीका होता है जिसमें लिस्टेड कंपनी के प्रमोटरों को अपनी मौजूदा शेरहोल्डिंग पारदर्शी तरीके से घटाने का मौका मिलता है ।
2) Secondary Market
जब एक बार प्रतिभूतियों को प्राथमिक बाजार में जारी किया जाता है या स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाता है तो इनका कारोबार द्वितीयक बाजार में किया जा सकता है ।
यह निवेशकों के लिए प्रतिभूतियों को खरीदने और बेचने का एक मंच है ।

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