Subsidiaries of RBI in 2022
वर्तमान में आरबीआई की 4 सहायक संस्थाएं हैं
1) निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी कॉरपोरेशन ( Deposit Insurance and credit Guarantee Act 1961) :-
DICGC की स्थापना DICGC Act , 1961 के तहत की गई । DICGC बैंकों में जमाओं का बीमा करता है तथा बैंक के डिफॉल्ट होने पर जमा कर्ताओं को भुगतान करता है । बजट 2020 में खातों के जमाओ की बीमा राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया । यह व्यवस्था 4 फरवरी 2020 से लागू हुई है । सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक , प्राइवेट बैंक , क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक , स्मॉल फाइनेंस बैंक , सहकारी बैंक आदि में ग्राहकों की जमाए डीआईसीजीसी में 5 लाख रु की सीमा तक सुरक्षित होती है । एक बैंक का दूसरे बैंक में खाता तथा कंपनियों के बैंक खाते डीआईसीजीसी में कवर नहीं होते । इसकी 100% हिस्सेदारी RBI के पास है । इसका मुख्यालय मुंबई में है । इसके चेयरमैन आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एमडी पात्रा है ।
2) भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण लिमिटेड (BRBNMP) :-
इसकी स्थापना भारत में बैंक नोट का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपने संपूर्ण स्वामित्वधिन उसकी सहायक कंपनी के रूप में 3 फरवरी 1995 को हुई ताकि RBI देश में बैंक नोट के लिए आपूर्ति तथा मांग के बीच के फासले को मिटा सके । BRBNMP का पंजीकरण कंपनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया । इसका पंजीकृत तथा कॉर्पोरेट कार्यालय बेंगलुरु में स्थित है । कंपनी दो प्रेस संभालती है । पहला कर्नाटक के मैसूर में तथा दूसरा पश्चिमी बंगाल के शालबानी में । इसके अध्यक्ष टी रविशंकर है । इसकी 100% हिस्सेदारी RBI के पास है ।
3) रिजर्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी लिमिटेड ( Reserve Bank Information Technology Private Limited) :-
RBI की IT व साइबर security जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे बनाया गया है । इसके अध्यक्ष किरण कार्णिक है । इसका मुख्यालय मुंबई में है । इसकी 100 % हिस्सेदारी RBI के पास है ।
4) इंडियन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड एलाइड सर्विसेज (IFTAS) :-
यह बैंकिंग इंडस्ट्री के लिए नए प्रोडक्ट्स का निर्माण करने का कार्य करती है । इसके अध्यक्ष विवेक दीप है। इसका मुख्यालय मुंबई में है । इसकी 100% RBI के पास है ।
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