Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

Responsive Advertisement

बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 व NBFC लोकपाल योजना

     

    बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 व NBFC लोकपाल योजना क्या है ? 



    बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 व NBFC लोकपाल योजना क्या है ?






    बैंकिंग लोकपाल योजना 2006


    बैंकिंग लोकपाल योजना बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली कुछ सेवाओं से संबंधित शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए बैंक ग्राहकों के लिए एक सस्ता मंच है । यह 1995 से प्रभावी आरबीआई द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 35A के तहत पेश किया गया है । वर्तमान में बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 ( 1 जुलाई 2017 के संशोधित ) परिचालन में है।

    बैंकिंग लोकपाल कौन होता है


    बैंकिंग लोकपाल आरबीआई द्वारा नियुक्त किया गया एक वरिष्ठ अधिकारी होता है । इसकी अवधि 3 साल तक होती है । बैंकिंग लोकपाल , बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 ( 1 जुलाई 2017 से संशोधित  ) के खंड 8 के तहत निर्दिष्ट शिकायत के आधार पर कवर की गई बैंकिंग सेवाओं में कमी के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए नियुक्त किया गया है । वर्तमान में 22 बैंकिंग लोकपाल है ।

    शिकायत कब दर्ज की जा सकती है


    बैंक द्वारा प्राप्त की गई व्यक्ति की शिकायत के 30 दिन बाद और 1 साल के अंदर शिकायतकर्ता बैंकिंग लोकपाल में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है , यदि बैंक द्वारा दिये गए उत्तर से ग्राहक संतुष्ट नहीं हो । पर एक शर्त यह है कि उसने कहीं अन्य शिकायत ना दर्ज करवाई हो

    मुआवजे सीमा राशि


    20 लाख से नीचे


    बैंकिंग लोकपाल , शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 1 लाख रु तक मुआवजा दिलवा सकता है।

     

    नोट  - यदि शिकायतकर्ता बैंकिंग लोकपाल के फैसले से संतुष्ट नहीं है तो वह बैंकिंग लोकपाल के निर्णय के खिलाफ अपील दायर कर सकता है लेकिन 30 दिन के अंदर । यह अपील आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के पास निहित होती है ।


    बेसल मानक क्या है ?


    NBFC लोकपाल 


    NBFC लोकपाल , NBFC के ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक त्वरित और लागत मुक्त शीर्ष स्तर का तंत्र है जो NBFC  द्वारा प्रदान की गई सेवाओं से संबंधित है । इसे 23 फरवरी 2018 से RBI एक्ट 1934 की धारा 45L के तहत पेश किया गया ।

    NBFC लोकपाल कौन होता है ? 


    NBFC लोकपाल आरबीआई का वरिष्ठ अधिकारी होता है जो योजना की धारा 8 के तहत निर्दिष्ट शिकायत के आधार पर कवर की गई कुछ सेवाओं में कमी के लिए NBFC के खिलाफ ग्राहकों की शिकायत के निवारण के लिए नियुक्त किया गया है । चार एनबीएफसी लोकपाल को चेन्नई , कोलकाता ,  नई दिल्ली , मुंबई में स्थित अपने कार्यालय के पास नियुक्त किया गया है ।


    शिकायत कब दर्ज की जा सकती है 


    शिकायतकर्ता को पहले NBFC से संपर्क करना होगा यदि शिकायत प्राप्त करने के 1 महीने तक NBFC जवाब नहीं देता या शिकायतकर्ता NBFC के जवाब से संतुष्ट नहीं है तो शिकायतकर्ता एनबीएफसी लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करवा सकता है ।


    मुआवजे की सीमा राशी -

     30 लाख से नीचे 


    नोट -  यदि शिकायतकर्ता एनबीएफसी लोकपाल के फैसले से संतुष्ट नहीं है तो वह एनबीएफसी लोकपाल के खिलाफ अपील दायर कर सकता है लेकिन 30 दिन के अंदर यह अपील आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के पास निहित होती है ।


    Q.1 बैंकिंग लोकपाल के अंतर्गत कौन-कौन से बैंक खाते हैं?

    Ans - सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अनुसूचित प्राथमिक सहकारी बैंक योजना के अंतर्गत आते हैं ।

    Q.2 एनबीएफसी लोकपाल के अंतर्गत कौन कौन आते हैं ?

    Ans - जो जमा स्वीकार करते हैं तथा जिनके पास ग्राहक इंटरफ़ेस है जिसकी संपत्ति का आकार एक अरब रुपए या उससे अधिक है ।

    Post a Comment

    0 Comments