RBI का इतिहास
🔹 1926 में भारतीय मुद्रा और वित्त पर हिल्टन यंग कमिशन ने भारत के लिए एक केंद्रीय बैंक बनाने की सिफारिश की ।
🔹आरबीआई की स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 1935 को हुई ।
🔹 RBI का केंद्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में स्थापित किया गया था जिसे 1937 में स्थाई रूप से मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया ।
🔹1942 में आरबीआई ने बर्मा (म्यांमार )की मुद्रा मुद्रा जारी करने वाला प्राधिकारी बनाना बंद कर दिया ।
🔹1947 में आरबीआई ने ब्रह्मा सरकार के लिए बैंक के रूप में काम करना बंद कर दिया ।
🔹1948 में आरबीआई ने पाकिस्तान को केंद्रीय बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना बंद कर दिया ।
🔹 1949 में आरबीआई का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया ।
भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 ( RBI Act 1934)
➡️ अधिनियम की मुख्य धाराएं :-
Section 2-E :- अनुसूचित बैंक (Schedule Bank) वह बैंक है जिसका नाम RBI Act की अनुसूची 2 में लिखा हुआ है ।अगर कोई बैंक अनुसूची 2 में नहीं है तो उसे कह गैर- अनुसूचित बैंक (Non Schedule Bank ) कहा जाएगा ।
Section 21 :- रिजर्व बैंक को सरकार के लेनदेन को चलाने का हक दिया गया है जैसे भुगतान जमा खाता या कर्ज ।
Section 22 :- इसमें आरबीआई को नोट निर्गमन का अधिकार है ।
Section 26 :- इसमें आरबीआई द्वारा निर्गम किए गए नोट , वैधानिक नोट माने जाएंगे और केंद्र सरकार इनकी गारंटी देगी । विमुद्रीकरण इसी धारा के तहत किया गया था
Section 33 :- इसके अनुसार RBI के निर्गम विभाग की आस्तियां जैसे सोना चांदी अथवा विदेशी प्रतिभूति में किसी भी समय 200 करोड़ से रुपए कम नहीं होंगे जिसमें सोना और चांदी के आभूषण 115 करोड़ रुपए से कम नहीं होगी
RBI को शक्ति देने वाले विभिन्न कानून
सर्वोच्च अधिनियम
1.भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934
इस एक्ट के तहत आरबीआई की स्थापना हुई यह एक्ट रिजर्व बैंक के कार्यों पर नियंत्रण करता है ।
2. बैंक कारी विनियम अधिनियम 1949 (Banking Regulations Act 1949)
इस एक्ट से RBI को भारत में बैंकों का नियामक बनाया गया
अन्य अधिनियम
3. लोक ऋण अधिनियम 1944 ( The Public Debt Act )
सरकारी ऋण बाजार पर नियंत्रण ।
4. प्रतिभूति विनियमन अधिनियम 1956 (Securities Contract Regulations Act )
सरकारी प्रतिभूति बाजार पर नियंत्रण ।
5. भारतीय सिक्का अधिनियम 2011 ( Indian Coinage Act )
मुद्रा और सिक्कों पर नियंत्रण ।
6. विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम 1973 / विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999
व्यापार और विदेशी मुद्रा बाजार पर नियंत्रण
7. परक्राम्य विलेख अधिनियम 1881
यह एक्ट अंग्रेजों के समय लागू हुआ । इस एक्ट में बैंकों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया जैसे कोई चेक 3 महीने बाद स्टील हो जाएगा , बैंकों में ली जाने वाली छुट्टियों की शक्तियां , चेकों के प्रकार
Sections 4 - प्रॉमिससरी नोट की परिभाषा दी गई
Section 5 - बिल्स आफ एक्सचेंज की परिभाषा दी गई
Section 6- चेक की परिभाषा दी गई
Section 138 - चेक बाउंस होने पर दुगनी राशि तथा 2 साल की कैद इसी धारा के तहत होती है।
8. PSS Act 2007 ( Payment and settlement System )
भारत में Atm , Online Payment के लिए नियम इस कानून के तहत बनाए गए एवं शक्तियां आरबीआई को दी गई । इसका नियामक आरबीआई है ।
RBI का वित्तीय वर्ष -
RBI का वित्तिय वर्ष पहले जनवरी से दिसंबर होता था ।
11 मार्च 1940 को यह वित्तीय वर्ष जुलाई से जून कर दिया गया । RBI ने अपना वित्तीय वर्ष परिवर्तित कर दिया ।
नया वित्तीय वर्ष अप्रैल से मार्च है । यह वर्ष 2021-22 से लागू है।
RBI के कार्य -
1.मौद्रिक प्राधिकारी ( Monetary Authority )
यह आरबीआई मौद्रिक नीति तैयार करता है उसका कार्यन्यवन करता है और उसकी निगरानी करता है । इसका उद्देश्य विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखना है ।
2. वित्तीय प्रणाली का विनियामक और पर्यवेक्षक ( Regulato and Supervisor of Financial System )
यह बैंकिंग परिचालन के लिए विस्तृत मानदंड निर्धारित करता है जिसके अंतर्गत देश की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली काम करती है । इसका उद्देश्य प्रणाली में लोगों का विश्वास बनाए रखना , जमा कर्ताओं के हितों की रक्षा करना और आम जनता को किफायती बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना ।
3. नोट निर्गम करना ( Issue of Currency )
RBI एक ऐसी एजेंसी है जिसके पास ₹1 के नोट और सिक्कों को छोड़कर समस्त नोट निर्गम करने का अधिकार है । नोट निर्गमन करने के लिए इसके पास सोना , नगदी अथवा सरकारी प्रतिभूति जिनका मूल्य कम से कम 200 करोड रुपए होता है रहना आवश्यक है ।
4. सरकार का बैंक (Bankar of Government)
रिजर्व बैंक केंद्र सरकार और राज्य सरकार की वित्तीय आवश्यकताओं का लेन देन अथवा प्रबंधन करता है और कई तरह के ऋण देता है । ऐसे स्थान पर जहां आरबीआई का कार्यालय न हो तो यह कार्य एसबीआई या अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक करते हैं ।
5. बैंकों का बैंक (Bankar's Bank )
आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों का भी बैंक है और यह इन बैंकों को ऋण जैसी सुविधाएं प्राप्त करवाता है ।
6 . बैंकों का नियंत्रक ( Controller of Banks )
बैंकिंग व्यवस्था को ठीक ठाक चलाने के लिए RBI लाइसेंस निर्गम करता है ।
7. ऋण पर नियंत्रण ( Control Over Credit )
आरबीआई बैंकों के द्वारा ऋण देने और ऋण का प्रबंधन करने के लिए दिशानिर्देश जारी करता है ।
8. अन्य कार्य
आरबीआई विदेशी मुद्रा का प्रबंधन करता है ।
Q.1 RBI बनाने की सिफारिश किसने की थी?
Ans - हिल्टन यंग कमीशन ने
Q.2 RBI का राष्ट्रीयकरण कब हुआ था ?
Ans- 1949 में
Q.3 RBI को नोट निर्गमन का अधिकार किस सेक्शन में है?
Ans- section 22
Q.4 RBI का वित्तीय वर्ष कब लागू होता है ?
Ans- अप्रैल से मार्च
Q.5 सभी बैंकों का नियामक कौन है ?
Ans- RBI

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