Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

Responsive Advertisement

बैंको का राष्ट्रीयकरण - banko ka rashtriyakaran hindi me

     बैंको के राष्ट्रीयकरण के कारण :-

    राष्ट्रीयकरण करने से पहले सभी वाणिज्यिक बैंकों की अपनी अलग और स्वतंत्र नीतियां होती थी और उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लाभ कमाना होता था क्योंकि इन बैंकों के अधिकतर शेयर धारक कुछ गिने-चुने पूंजीपति थे । समाज के गरीब , कमजोर वर्ग , दलित तथा सामान्य ग्रामीण तबकों के लोगों को बैंक के बारे में पता नहीं था । भारत के अधिकतर लोग गांव में बसे हैं और वो किसान व खेतिहर मजदूर हैं । इस कारण पूंजीपति अधिक धनवान होते गए और निर्धन और भी गरीब । इस प्रकार सामाजिक तथा आर्थिक विकास की गति अवरुद्ध हो गई । इसलिए बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया ।


    बैंको के राष्ट्रीयकरण कब हुआ


    बैंको के राष्ट्रीयकरण के उद्देश्य :-

    🔹राष्ट्रीयकरण का मूल उद्देश्य यही रहा कि बैंकिंग प्रणाली , देश के आर्थिक विकास मूलक कार्यों में सक्रिय सहयोग प्रदान करके बैंकिंग सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ समाज के कमजोर वर्गों सहित अन्य सभी क्षेत्रों को पहुंचाने में अहम भूमिका अदा करें ।

    🔹 देश का आर्थिक विकास ।

    🔹 बेरोजगारी की समस्या ।

    🔹 ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में सुधार तथा कृषि एवं लघु उद्योगों के क्षेत्रों की समुचित प्रगति करना ।

    🔹 देश की लघु स्तरीय उद्योगों के नव निर्माण को बढ़ावा देना ।

    🔹 लोगों की बचत को सबसे बड़ी संभव सीमा तक पहुंचाना ।

    🔹 बैंक कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और सेवा की उचित व्यवस्था प्रदान करना ।


    RBI का राष्ट्रीयकरण :-

    🔹 रिजर्व बैंक अधिनियम 1948 के पारित होने के साथ बैंकों के राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया 1 जनवरी 1949 को  RBI के राष्ट्रीयकरण के साथ हुई ।

    🔹 इसका मूल उद्देश्य स्वतंत्र भारत में मौद्रिक , आर्थिक और राजकोषिय नीतियों के अधिक समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था ।


    SBI का राष्ट्रीयकरण :-

    🔹 इसका राष्ट्रीयकरण 1 जुलाई 1955 को हुआ । इससे पहले इसे इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के नाम से जानते थे यह एक वाणिज्यिक बैंक है । इसके सात सहयोगी थे -

    (1)  स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर ( SBBJ )

    (2) स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र (2008 में SBI में विलय )

    (3) स्टेट बैंक ऑफ इंदौर  ( 2010 में SBI में विलय )

    (4) स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद ( SBH )

    (5) स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ( SBP )

    (6) स्टेट बैंक ऑफ मैसूर ( SBM )

    (7) स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर ( SBT )


    भारतीय महिला बैंक ( BMB ) :-

    🔹भारत का पहला महिला बैंक 

    🔹स्थापना - 19 नवम्बर 2013

    🔹स्थान - नई दिल्ली

    🔹CEO - उषा अनंथा सुब्रमण्यम

    🔹निष्क्रिय - 1 अप्रैल 2017


    NOTE -

      1 अप्रैल 2017 को भारतीय महिला बैंक और पांच सहयोगी बैंक को SBI में विलय कर दिया जिससे यह दुनिया के सिर्फ 50 बैंकों में शामिल हो गया ।


    14 बैंको का राष्ट्रीयकरण :-

    🔹 19 जुलाई 1969 को 14 प्रमुख वाणिज्य बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ जिसकी जमा राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक थी ।

    (1)  इलाहाबाद बैंक

    (2)  बैंक ऑफ बड़ौदा

    (3)  बैंक ऑफ इंडिया

    (4)  बैंक ऑफ महाराष्ट्र

    (5)  केनरा बैंक

    (6)  सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया

    (7)  देना बैंक

    (8)  इंडियन बैंक

    (9)  इंडियन ओवरसीज बैंक

    (10)  पंजाब नेशनल बैंक

    (11)  सिंडिकेट बैंक

    (12)  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

    (13)  यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया

    (14)  यूनाइटेड कमर्शियल बैंक  (यूको बैंक )


    6 बैंको का राष्ट्रीयकरण :-

    🔹 15 अप्रैल 1980 को 6 और वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था जिनकी जमा राशि 200 करोड़ रुपए से अधिक थी ।

    (1) आंध्रा बैंक

    (2) कॉर्पोरेशन बैंक

    (3) ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स

    (4) विजया बैंक

    (5) पंजाब एंड सिंध बैंक

    (6) न्यू बैंक ऑफ इंडिया  (1993 में PNB में विलय )


    FAQ -

    Q.1 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब हुआ ?

    Ans - 19 जुलाई 1969

    Q.2 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब हुआ?

    Ans - 15 अप्रैल 1980

    Q.3 1969 मैं कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ ?

    And - 14

    Q.4 1980 मैं कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ ?

    Ans - 6


    Post a Comment

    0 Comments