बैंक क्या है ?
बैंक उस वित्तीय संस्था को कहते हैं जो जनता से धनराशि जमा करने और जनता को ऋण देने का काम करता है । इसके साथ ही बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के नियम का पालन करता है ।
बैंक के कार्य -
1.जमा धनराशि प्राप्त करना2. ग्राहक के बैंक में खातों को खोलना जैसे - चालू खाता , बचत खाता , सावधि खाता , गृह बचत खाता आवर्ती , जमा खाता
3. ऋण एवं अग्रिम धनराशि प्रदान करना जैसे - साधारण ऋण , नकद साख
4. अधिकरण के रूप में
5. विनिमय विपत्रो को भुनाना
6. मूल्यवान वस्तओं की सुरक्षा
7. अंक संग्रह एवं प्रशिक्षण
8. यात्री चैक व साख पत्रो की सुविधाएं
भारत में बैंकिंग का इतिहास - History of banking in india hindi me
🔹 1770 में यूरोपियन पैटर्न पर भारत में ' बैंक ऑफ हिंदुस्तान ' नाम से प्रथम बैंक स्थापित किया गया । यह बैंक 1830 में बंद हो गया ।
🔹 1786 में ' बैंक ऑफ कलकत्ता ' की स्थापना की । यह 1791 में बंद हो गया ।
🔹 1806 में वेलेजली ने टीपू सुल्तान से लड़ाई में फंड करने के लिए मद्रास में बैंक की स्थापना की । 1809 में इस बैंक का नाम ' बैंक ऑफ बंगाल ' (50 लाख पूंजी के साथ ) रखा गया । इस बैंक ने ही भारत का पहला नोट जारी किया । यह पहला प्रेसीडेंसी बैंक था ।
🔹 1835 में इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया नामक एक नया बैंक बनाया गया जो बाद में भारतीय स्टेट बैंक बना ।
🔹 1840 में बैंक ऑफ बॉम्बे ( 52 लाख पूंजी के साथ ) स्थापना हुई । यह दूसरा प्रेसीडेंसी बैंक था ।
🔹 1843 में बैंक ऑफ मद्रास (50 लाख पूंजी के साथ ) की स्थापना हुई । यह तीसरा प्रेसीडेंसी बैंक था ।
🔹 1862 में बैंक ऑफ़ बंगाल , बैंक ऑफ़ बॉम्बे व बैंक ऑफ़ मद्रास को प्रेसिडेंसी बैंक कहा गया ।
🔹 1865 में पहली भारतीय स्वामित्व वाली इलाहाबाद बैंक की स्थापना इलाहाबाद में हुई ।
🔹 1895 में लाला लाजपत राय द्वारा पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना लाहौर में हुई ।
🔹 1906 में बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना मुंबई में हुई ।
🔹 1906 से 1913 के बीच केनरा बैंक , इंडियन बैंक , सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया , बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ़ मैसूर वाणिज्यिक बैंक स्थापित किए गए ।
🔹 1921 में प्रेसिडेंसी बैंकों को इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया में मिला दिया ।History of banking in india for bank exam
🔹 1929 में बड़े पैमाने पर भारतीय बैंक की समस्याओं का सर्वेक्षण करने के लिए भारतीय केंद्रीय बैंक की जांच समिति की स्थापना की गई जिसमें कहा गया देश के लिए एक RBI खोला जाए ।
🔹 1934 में RBI की नींव रखी गई । बैंक की विफलताओं का मुद्दा और कृषि की आवश्यकता को पूरा करना आरबीआई की स्थापना के प्रमुख ये दो कारण थे । History of banking in india short
🔹 1935 में RBI की स्थापना की गई ।
🔹 1949 में भारत सरकार ने आरबीआई का राष्ट्रीयकरण कर दिया और बैंकिंग विनियमन अधिनियम ( बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 ) लागू कर दिया ।
🔹 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का आंशिक राष्ट्रीयकरण कर दिया और उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ) नाम दे दिया।
बैंकिंग क्षेत्र में प्रमुख नियंत्रण
🔹 1962 में भारत में बैंकों में छोटे जमाकर्ताओ की जमा राशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन एक्ट 1961 लागू किया गया था । डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना जनवरी 1962 में हुई ।
🔹 1963 में कृषि पुनविर्त नियम ( ARC )1 जुलाई 1963 के अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया था । इसका उद्देश्य केंद्रीय भूमि बंधक बैंकों , राज्य सहकारी बैंकों और अनुचित वाणिज्य बैंकों को पुनविर्त करना था।
🔹 1965 में ऋण प्राधिकरण योजना (CAS ) शुरू की गई
🔹 RBI और सरकार की सहायता के लिए योजना , प्राथमिकताओं के अनुसार ऋण आवंटित करने के लिए फरवरी 1968 में राष्ट्रीय साख परिषद ( NCC )की स्थापना की गई ।
🔹 1969 में 50 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि वाले 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया ।
🔹1969 में लीड बैंक स्कीम को पूरे देश में बड़े पैमाने पर जमा करने के लिए और कमजोर वर्गों को ऋण देने के लिए भी शुरू किया गया ।
🔹 1972 में प्राथमिकता क्षेत्र की अवधारणा को औपचारिक रूप दिया तथा समाज के कमजोर वर्गों की जरूरतों को पूरा करने और उनके उत्थान के लिए ब्याज की अंतर दर ( DRI ) योजना शुरू की गई ।
🔹 1974 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए विशेष लक्ष्य निर्धारित किए गए । 1974 में नरसिम्हा समिति द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ( RRB )की स्थापना की सिफारिश की ।
🔹 2 अक्टूबर 1975 को ग्रामीण बैंक और कृषि विकास के लिए ऋण की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना की ।
🔹 1978 में निजी क्षेत्र के बैंकों के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए ।
🔹 1980 में 200 करोड़ रुपए से अधिक की मांग और समय देता वाले 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया ।
🔹 1989 में ए एम खुसरो की अध्यक्षता में गठित कृषि साख समीक्षा ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को उनके प्रवर्तक बैंक में विलय की सिफारिश की ।
🔹1991 में नरसिम्हा समिति ने बैंक की प्रणाली में निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रवेश की अनुमति की सिफारिश की ।
🔹1993 में बैंकों और वित्तीय संस्थान अधिनियम के कारण ऋणों की वसूली अधिनियमित की गई जो अधिकरण के स्थगन और गैर निष्पादित ऋणों की वसूली के लिए न्यायाधिकरण की स्थापना के लिए प्रदान की गई थी ।
🔹 1994 में वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड ( BFS )की स्थापना की गई ।
🔹 1995 में बैंकिंग लोकपाल योजना , बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के अंतर्गत की गई ।
🔹 1997 में केलकर समिति ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक न खोलने की सिफारिश की ।
🔹 2002 में वित्तिय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और सुरक्षा ब्याज अधिनियम ( SARFAESI ) लागू किया ।
🔹 2005 में विदेशी बैंकों की उपस्थिति का रोड मैप तथा बैंकों को शून्य या कम न्यूनतम राशि के साथ no-frills खाते की सुविधा शुरू करने की सलाह दी ।
🔹 2006 में RBI द्वारा बैंकिंग कोड और मानक कोड (BCSBI ) की स्थापना की गई ।
Q.1 प्रेसीडेंसी बैंक क्या है ?
Ans - बैंक ऑफ़ बंगाल , बैंक ऑफ़ बॉम्बे व बैंक ऑफ़ मद्रास को प्रेसिडेंसी बैंक कहते हैं।
Q.2 पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना किसने की ?
Ans - लाला लाजपत राय ने
Q.3 पहली भारतीय स्वामित्व वाली बैंक की स्थापना कब हुई ?
Ans - 1865 (इलाहाबाद बैंक )
Q.4 बैंकों का बैंक किसे कहते हैं ?
Ans -RBI को
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